देसी घी से मालिश करने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:30

देसी घी से शिशु की मालिश करने के फायदे

देसी घी से मालिश करना शिशु के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे बच्चे के शरीर को मजबूती मिलती है। मालिश करने के लिए बच्चे के शरीर पर धीरे-धीरे घी लगाएं और हल्के हाथों से उसके शरीर की मालिश करें। बच्चे को घी से मालिश करते समय ध्यान दें कि कही बच्चे के शरीर पर कोई एलर्जी तो नहीं हो रही। ध्यान रखें शुरू में बच्चे की मालिश करते समय घर के किसी बड़े को अपने साथ जरूर रखें। बच्चे की स्किन बहुत नाजुक होती है, ऐसे में डॉक्टर से बात करके ही बच्चे की घी से मालिश करना शुरू करें।
देसी घी से बच्चे की मालिश करने के फायदे
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए

देसी घी से मालिश करने से शिशु की हड्डियां मजबूत बनती हैं। शिशु की रोज मालिश करने से बच्चे का शरीर स्वस्थ रहता है। बच्चे के मालिश करने के लिए समय का जरूर ध्यान रखें। कोशिश करें बच्चे को रोज एक ही समय पर मालिश करें। इससे बच्चा दिनचर्या के लिए धीरे-धीरे सेट हो जाता है।
बच्चे का वजन बढ़ाने में मददगार

शिशु की रोज देसी घी से मालिश करने से बच्चे का शरीर स्वस्थ रहता है। इससे उसका वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। शिशु की मालिश करने से उसका पूर्ण विकास होता है।
बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए

शिशु के सिर पर यदि देसी घी से मालिश की जाए, तो शिशु के बालों की ग्रोथ तो बढ़ती ही है,साथ ही बच्चे के बाल भी मजबूत होते हैं। बच्चों के बालों को स्वस्थ रखने के लिए बच्चों के सिर की देसी घी से मालिश करें।
शिशु रहता है शांत

अगर बच्चा बहुत ज्यादा चिड़चिड़ा हो गया है या परेशान कर रहा है, तो ऐसे समय में आप बच्चे की देसी घी से मालिश करके उसे आराम दे सकते हैं। घी से मालिश करने से बच्चा आसानी से शांत हो जाता है। मालिश करने से बच्चे के शरीर में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिसकी वजह से वह चिड़चिड़ा नहीं होता। मालिश बच्चे के मूड को अच्छा बनाती है।

शिशु का पाचन दुरुस्त रहता है

देसी घी से मालिश करने से बच्चे का पाचन दुरुस्त रहता है। देसी घी से पेट पर हल्के हाथ से मालिश करने पर बच्चे के पेट की गैस आराम से रिलीज होती है, जिससे उनका पाचन अच्छा रहता है। इससे बच्चे को पेट की परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।

बच्चों की मालिश आप दिन में 2 बार कर सकते हैं लेकिन मालिश करने के लिए आप बच्चे के मूड को भी समझने की कोशिश करें। अगर बच्चा मालिश करते समय रो नहीं रहा है, हाथ-पैरों को टाइट नहीं कर रहा है, तो आप उसकी मालिश जारी रख सकते हैं। देसी घी से मालिश करने से पहले डॉक्टर से अवश्य बात कर लें।

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